Holi Katha in Hindi
कथाएं
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महाशिवरात्रि व्रत पूजा विधि | Mahashivratri Pooja Vidhi In Hindi वर्ष 2024 में फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 8 मार्च, 2024 को शुक्रवार के दिन पड़ रही है। मान्यता है महाशिवरात्रि के दिन भोलेनाथ का विवाह माता पार्वती से हुआ था। जिसके फलस्वरूप शिवजी ने वैराग्य छोड़कर गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया था। इसीलिए इस दिन को महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। महाशिवरात्रि के दिन शिवभक्त द्वारा कई स्थानों पर शिव जी की बारात भी निकली जाती है। महाशिवरात्रि को भोला चौदस के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार महाशिवरात्रि के…
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शिव पार्वती विवाह | Shiv Parvati Vivah Katha in Hindi माता सती के अग्नि कुंड में आत्मदाह करने के बाद भगवान शिव बहुत विचलित हो गए थे, और गहरी तपस्या में लीन हो गए थे। जिसके चलते स्रष्टि में असंतुलन होने लगा। जिसके बाद आदिशक्ति ने शिव को पाने के लिए 107 बार धरती पर अलग-अलग रूपों में जन्म लिया। जब आदिशक्ति अपने पार्वती रूप में 108वीं बार महाराज हिमावन और रानी मैनावती के घर प्रकट हुईं तो उन्होंने शिवजो को पाने के लिए वर्षों तक घोर तपस्या की। जिसके फलस्वरुप शिवजी ने उन्हें उनकी तपस्या का फल देते हुए…
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श्री गणेश का महोत्कट विनायक अवतार | महोत्कट विनायक (गणेश जी) जन्म कथा | Ganesh Ji Ka First Avatar Mahotkat Vinayak | Ganesh Ji ke Mahotkat Vinayak Avatar Ki Kahani गणेश पुराण के अनुसार महागणाधिपति (जो कि गणेश का परम स्वरुप है) ने अनेकों अवतार लिए जिनमें से सर्वप्रथम अवतार सतयुग में 33 कोटि देवताओं की माता, देवमाता अदिति और महर्षि कश्यप के यहाँ महोत्कट विनायक के रूप में लिया। तो आइए मैं आपको बताता हूँ भगवान् महागणाधिपति के सर्वप्रथम अवतार महोत्कट विनायक के जन्म की कथा- सतयुग में ऋषि रुद्रकेतु और शारदा की दो जुड़वाँ संतानें हुई। जिनका नाम…
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देवउठनी एकादशी की कहानी | Dev Uthani Gyaras Katha कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी , देवउठनी ग्यारस, देवोत्थान एकादशी, प्रबोधिनी एकादशी आदि नामों से जाना जाता है। इस दिन श्रीहरि विष्णु अपनी योग निद्रा से जागते हैं। इस बार देवउठनी ग्यारस 23 नवम्बर 2023 की है। देवउठनी एकादशी की प्रथम कथा बहुत समय पहले एक राजा के राज्य में प्रजा और राज्य के नौकरों से लेकर पशुओं तक को एकादशी के दिन अन्न नहीं दिया जाता था। सभी लोग एकादशी का व्रत रखते थे। एक बार किसी दूसरे राज्य का व्यक्ति राजा से बोला कि…
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जगन्नाथ पुरी का धाम | Jagannath Puri Dham जगन्नाथ पुरी, भगवान् विष्णु का एक ऐसा धाम जहाँ, जो कोई भी भगवान् जगन्नाथ के एक बार दर्शन कर ले, तो उसके सारे पाप धुल जाते हैं और वह जन्म और मृत्यु के बंधन के मुक्त हो जाता है। फिर चाहे उसके कर्म कैसे भी हो। ऐसा है जगन्नाथ पुरी का यह धाम। कहते हैं कि जो भी मनुष्य सच्चे ह्रदय से इस धाम की यात्रा करता है भगवान् जगन्नाथ उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। अलौकिक (अदृश्य) का मतलब होता है, जहाँ मनुष्य न पहुंच सके, जिसे मनुष्य की आंखे न…
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Surya Putra Karn
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Mata Devaki 6 Son Katha | माता देवकी की 6 पुत्रों की कथा कौन थे माता देवकी के 6 पुत्र जिन्हें कंस ने जन्म लेते ही मार दिया था। आइये मैं आपको इसकी कथा के बारे में बताता हूँ। सृष्टि के प्रारम्भ में ब्रह्मा ने मरीचि नाम के अपने एक मानस पुत्र को जन्म दिया। मरीचि की पत्नी ऊर्णा ने 6 देवताओं को जन्म दिया। ये 6 देवता ब्रह्मा जी की कृपा पात्र थे। जिसके कारण ब्रह्मा जी इनकी छोटी-मोटी गलतियों को नज़रंदाज़ कर दिया करते थे। लेकिन एक बार अपने इसी घमंड में चूर होकर देवताओं ने ब्रह्मा जी…
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माता देवकी पूर्वजन्म कथा | Mata Devaki Purva Janma Katha in Hindi माता देवकी और वसुदेवजी के पूर्व जन्म की कथा | Mata Devaki or Vasudev ji Ki Purva Janma Katha अपने पहले जन्म में, स्वयंभू मन्वन्तर में वसुदेवजी, सुतपा नाम के प्रजापति हुए और माता देवकी का नाम पृश्नि था। यह इन दोनों का सबसे पहला जन्म था। अपने उस जन्म में श्रीहरी विष्णु को अपने पुत्र रूप में प्राप्त करने के लिए दोनों ने हजारो वर्षों तक भूखे-प्यासे रहकर भगवान् विष्णु की घोर तपस्या की। जिससे विष्णुजी प्रसन्न हुए और प्रकट होकर इनसे वर मांगने को कहा। जिस…
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मैया यशोदा पूर्वजन्म कथा | Maiya Yashoda Purva Janma Katha in Hindi मैया यशोदा और नन्द बाबा के पूर्व जन्म की कथा | Maiya Yashoda or Nand Baba Ki Purva Janma Katha अपने पहले जन्म में, मैया यशोदा मनु की पत्नी सतरूपा थी। इन मनु के नाम पर ही हमें मनुष्य कहा जाता है। सृष्टि की रचना के समय सृष्टि रचियता ब्रह्मा ने अपने शरीर को दो भागों में बाँट लिया था। जिसमे से एक भाग का नाम ‘का’ हुआ जिससे मनु की उत्पत्ति हुई और दूसरे भाग का नाम ‘या’ हुआ जिससे सतरूपा की उत्पत्ति हुई। इसीलिए ही हमारी…


