Mata Devki and Mata Yashoda Poorva Janam Katha in Hindi आखिर क्यों भगवान् की माता होने के बाद भी देवकी माता को 14 साल कंस के कारागार में बिताने पड़े। भगवान् श्रीकृष्ण ने अपने माता-पिता को कारागार में से बहार निकलने के लिए 14 वर्ष का ही समय क्यों लिया। इसके पीछे भी एक रोचक कथा है तो चलिए जानते हैं। त्रेता युग में जब नारायण अपने सातवें अवतार राम के रूप में धरती पर प्रकट हुए तो माता कैकई ने भगवान् राम को 14 वर्ष के वनवास पर भेज दिया था। इसी कारण अपने अगले जन्म में माता कैकई…
-
-
कृष्ण जन्माष्टमी कथा, तारीख | Krishna Janmashtami Katha in Hindi, Krishna Janmashtami Date And Time भगवान् श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को जन्माष्टमी कहा जाता है। इसी दिन भगवान विष्णु ने धरती पर अपन आठवां अवतार ( कृष्ण अवतार ) लिया था। हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान कृष्ण का जन्म इसी दिन रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। कृष्ण जन्माष्टमी कब है | Krishna Janmashtami Date in 2023 हर साल जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण के जन्म दिन को बड़ी ही धूम-धाम से मनाया जाता है। इस…
-
कजली तीज बड़ी तीज कजरी तीज व्रत कथा 2023 महत्व, इतिहास, कजरी तीज पूजा विधि | Kajli Teej Badi Teej Kajari Teej Vrat Katha in hindi, Mahtva, Kajari Teej Pooja Vrat Vidhi In Hindi, Kajli Teej ki Kahani हिन्दू कैलेंडर के हिसाब से पांचवे माह-भादों के, कृष्ण पक्ष की तीज को, कजली तीज या कजरी तीज या बड़ी तीज की तरह मनाया जाता है। आसान भाषा में रक्षाबंधन के 3 दिन बाद और कृष्ण जन्माष्टमी से 5 दिन पहले, की जो तीज आती है, उसे ही कजली तीज के रूप में मनाया जाता है। इस दिन नीम के पेड़ की टहनी…
-
16 सोमवार व्रत कथा | 16 somwar vrat katha | solah somvar vrat katha एक बार भगवान शिव और माता पार्वती दोनों भ्रमण करते हुए मृत्युलोक की अमरावती नगरी में जा पहुँचे। उस नगर के राजा ने भगवान शिव का एक सुन्दर व विशाल मंदिर बनवाया था। जो कि अत्यंत ही रमणीक तथा मन को शांति पहुंचने वाला था। शिवजी और माता पार्वती उस मंदिर में ठहर गए। एक दिन माता पार्वती ने भगवान शिव से कहा- ‘हे प्राणनाथ! आज मेरी चौसर खेलने की इच्छा हो रही है।’ माता पार्वती की इच्छा जानकर भगवान् शिव, देवी पार्वती के साथ चौसर…
-
रक्षाबंधन के त्यौहार की ऐसे हुई थी शुरुआत, जानें इससे जुड़ी पौराणिक कथा | Raksha Bandhan Mythological Story In Hindi, Raksha Bandhanka Shubh Muhurt 2023, Raksha Bandhan Festival हिन्दू पंचांग के अनुसार यह त्यौहार श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन बहिने अपने भाई की कलाई में रक्षा सूत्र बांधती हैं तथा माथे पर टीका लगातीं हैं। रक्षाबंधन का अर्थ होता है – “किसी को अपनी रक्षा के लिए बांध लेना।” राखी बांधते समय बहन अपने भाई से कहती है कि हे भैया ! अब में आपकी शरण में हुँ। मेरी हर प्रकार से रक्षा करना। रक्षाबंधन…
-
श्रावण महिना (मास) 2023, कब से लग रहा है, सावन मास कथा एवं महत्व, त्यौहार, बेलपत्र का महत्व, कांवड़ यात्रा का उल्लेख | Sawan Month Katha in Hindi, Bel Patra, Sawan Month Kanwar Yatra (Date, Festivals) श्रावण मास का यह महीना शिवजी का अत्यंत प्रिय महीना हैं। पूरे माह धार्मिक रीति-रिवाजों का ताता लगा रहता हैं। श्रावण के इस महीने में कई विशेष त्यौहार मनाये जाते हैं। वर्षा ऋतू से ही चार महीने के त्यौहार शुरू हो जाते हैं। उसी प्रकार हिन्दू समाज में सावन का बहुत अधिक महत्व हैं। जिसे कई विधियों एवं परम्पराओं के रूप में देखा व…
-
बेलपत्र की कथा, बेलपत्र की उत्पत्ति कैसे हुई, बेलपत्र को खाने के फायदे और नुकसान | Belpatra Ki Kahani in Hindi, Belpatra Khane Ke Fayde Aur Nuksan इस लेख में हम आपको बेलपत्र के बारे में सारी जानकारियाँ देने की कोशिश करेंगे। जैसे बेलपत्र की उत्पत्ति कैसे हुई, इसे खाने के क्या फायदे है और क्या नुकसान है, इसकी क्या-क्या मान्यताएं हैं आदि इत्यादि। शिव उपासना में बेलपत्र का विशेष महत्व है। कहा जाता है कि एक डाकू अपना जीवन व्यापन के लिए राहगीरों को लूटता है। एक बार वो रात्रि के समय एक पेड़ पर बैठ कर अपने शिकार…
-
सावन सोमवार व्रत कथा | Sawan Somvar Vrat Katha in Hindi सावन सोमवार की कथा के अनुसार, अमरपुर नाम के नगर में एक साहूकार रहता था। जो कि भगवान शिव का अनन्य भक्त था। दूर-दूर तक उसका व्यापार फैला हुआ था। उसके पास धन-धान्य किसी भी चीज की कमी नहीं थी। लेकिन वह निःसंतान था। इसीलिए वह संतान प्राप्ति की कामना लिए प्रतिदिन शिवजी के मंदिर जाकर दीपक जलाता और पूजा अर्चना करता और विधिवत सोमवार का व्रत करता। उसके इस भक्तिभाव को देखकर एक दिन माता पार्वती ने शिवजी से कहा कि प्रभु ! यह साहूकार आपका सच्चा भक्त…
-
हरियाली तीज कथा | Hariyali Teej Katha हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार हरियाली तीज 19 अगस्त शनिवार की है। इस दिन विवाहित स्त्रियाँ अपने पति की लंबी आयु के लिए और कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर प्राप्त करने के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इस दिन गौरी−शंकर की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। व्रती इस दिन सोलह सिंगार करके पूजा करने के बाद कथा पढ़ती है। लेकिन क्या आपको पता है इस तीज का नाम हरतालिका (Hartalika Teej vrat katha) क्यों पड़ा। अगर नहीं, तो आइए आज हम आपको इसके पीछे की कथा को बताते हैं। हरियाली तीज कथा…
-
Ganesh Ji Mushak Sawari Katha, first worshiper Shri Ganesh Vahan Mushak | प्रथमपूज्य भगवान श्रीगणेश का वाहन मूषक है। आइए जानते हैं आखिर भगवान गणेश ने अपना वाहन मूषक को ही क्यों चुना? क्या है इसके पीछे पौराणिक कथा श्रीगणेश के मूषक को अपना वाहन बनाने की दो कथाये प्रचलित हैं, तो आइये जानते इन दोनों कथाओ के बारे में । क्रौंच को मिला एक असुर बनने का श्राप | Krauncha is cursed to become a demon एक बार की बात है। क्रौंच नामक एक गन्धर्व था। एक दिन उसे इंद्रदेव की सभा में देरी हो गयी। जिससे वह जल्दी…




